Monday, August 17, 2026

तुम


वो तुम्हें तोड़ेंगे
हथौड़ों की चोट से
धारदार बातों से
तोड़ेंगे तुम्हारा मन
तोड़ेंगे तुम्हारे सब सपने....

पर उनके प्रहार से
तुम खुद को बचाना
खुद में थोड़ा थोड़ा खुद को
इकट्ठा करती रहना
बचाना अपना अस्तित्व

बची रहो खुद में,
ये कोशिश न छोड़ना
न उम्मीद करना
तोड़ने वालों से
ज़रा भी

तुम रहम की,


कोई और अब नहीं आएगा
अपनी ढाल खुद बन जाना

10.15 am, 18 august 2026

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आपका मेरे इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है ...

आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.

प्यार के साथ
सखी