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आज प्रेम दिवस दुनिया मन रही है ....
कितने अरमान दिलों में हिलोरे ले रहे है
अपनी बात नहीं करी ये मैंने
ये बात कि है मैंने हर उस दिल की
जिसमें किसी के लिए प्यार है बेशुमार
तुमने भी कितने सपने संजोये है
प्रेम के मोती आशा कि डोर में पिरोये है.
फिर मेरी कोई छोटी सी बात और
आप भी कभी कितनी दूर जाकर
खड़े हो जाते हो अचानक ही
फिर क्यों एक झटका देके
और तोडके आशाओं की डोर
प्रेम के सारे मोती बिखरा देते हो
खुद भी रोते हो मुझे रुला देते हो .

3 comments:
सखी जी
अपनो का दुख जब दूसरे की आंखो से आँसू बन कर निकलता है ये ही तो प्यार है कभी कभी हमे लगता है की जिसे हम प्यार करते है वो हमसे बहुत दूर है पर ऐसा नही होता वो आपकी परछाई बन कर आपके साथ ही रहता है |
khoobsoorat rachna!
shukriya
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