Wednesday, April 13, 2011

एक बदसूरत सच जिंदगी का

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सुनो बहन आज उसकी लड़की 
बाईक से एक लड़के के साथ गयी

मिसेज वर्मा ने धीमे से फुसफुसाया

मिसेज शर्मा को समाचार से अवगत कराया .

हर घटना का आदान प्रदान यहाँ

अक्सर इसी प्रकार होता है

हर समाचार से हर एक इंसान

आपस में बात कर परिचित होता है .

किस घर में आज क्या बना है खाने में ,

कहाँ आपस में किससे किसका झगडा हुआ,

किस लड़की का किस लड़के के साथ ,

कहाँ कहाँ, कब-कब कोई लफड़ा हुआ .

कहते है सब फिर यही समाज है ,

इसी प्रकार से घटनाओ को ,

सब तक पहुंचाना इसका कामकाज है .

फिर क्या हुआ इस समाज को?

सात माह तक वो बंद रही घर में

पल –पल उनका अंतर्मन रोता रहा ,

समाज सारा जो हर घटना को

नमक मिर्च लगा सब तक पहुंचाता है,

अनजान बना कहाँ सोता रहा ??

लगभग २१० दिन तक पडोस को

पड़ोसी की कोई खबर नहीं मिली ,

न कोई जुबान पांच हजार चालीस घंटे तक

इस घटना के बारे में किसी के सामने हिली .

लगभग तीन लाख दो हज़ार चार सौ मिनट

वो पल-पल खुदकुशी कर रही थीं,

अपने ही घर में अपनी कब्र बनने का,

इंतज़ार वो दो बहनें कर रही थी .

फिर अचानक क्या हुआ था अब ,

जो घटना सबके सामने आ गयी,

लगभग एक करोड इक्यासी लाख चवालीस हज़ार उन,

पलों से सडती उनकी जिंदगी की गंध ,

पडोसी की नाक से टकरा गयी .

अब खुद का रहना इस बदबू में

जब सहन करना मुश्किल था ,

तब अपना ये तथा कथित समाज

एक बार फिर से जाग गया ,

उनकी ऐसी बदतर हालत के बारे में ,

तब हर एक पडोसी जान गया .

उनकी हिम्मत भी तो जैसे टूट चुकी थी

बड़ी बहन की सांस भी अब छूट चुकी थी,

अंतिम सांसे लेती लाशो को अब

अस्पताल पहुँचाया गया था ,

टीवी चेनलों से यह खबर प्रसारित कर

सोते समाज को फिर जगाया गया था .

8 comments:

Manoj kr singh said...

bahut acche sakhi ji

apnea sach ka chahra likh ker rkh diya akshar aisa hi hota hai hum sub dekh laite hai per dushre ki jindage k kadwe sach ko nhi dekh pate hai . gud sakhi ji bahut accha likha hie apnea

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

sahi baat hai sakhi jee...aajkal log chatkhaare laga ke ye jaan na chahte hain ki doosre ke yahaan kya chal raha hai!

मुकेश कुमार सिन्हा said...

ye ek badnuma pahloo hai aaj ke samaj ka...ham apne parosiyon tak ke baare me anbhigya rahte hain....:(

ek dard bhari rachna..

gyaneshwaari singh said...

ye sirf ek rachna bhar nahi hai..muujhe kya ho rah hai is ghatna ke bad se me kuch samjh nahi paa rahi magar ek gussa hai jo iun sabke liye hai jo kahi na kahi isase jude hai. aur khud me bhi ek hu shayad usme se

सदा said...

सच लिखा है आपने ...।

somali said...

sahi chehera dikhaya apne samaj karachna ke madhyam se

ishq sultanpuri said...

schchaee behatareen andaz me

रश्मि प्रभा... said...

gr8....

आपका मेरे इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है ...

आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.

प्यार के साथ
सखी