Tuesday, January 13, 2009

गणेश वंदना


मंगलकर्ता विघ्नहर्ता लम्बोदर मंगल करना
जीवन में सबके तुम दाता खुशियों के पल भरना
खुश्बू बिखरे रंगों जैसी ऐसे
पल तुम दे देना
दुःख का नाम ना पाए कोई सबके कष्टो को हरना
नव पथ पर कंटक ना , पाये पथ सरल
हो जाए
राह में कंटक जब आए उसका सदा हरण करना
एकदंत तुम दयावान हो रखना दृष्टी सदा हमपर
रहे सदा मिल जुल कर ऐसा प्यार अमर करना

6 comments:

के सी said...

इन दिनों नए काम को शुरू करना ही चाह रहा था कि आपके ब्लॉग से प्रस्फुटित पावन शब्द मेरे आस पास बिखर गए , ऐसी निर्मल भावनाएं ही हमें राह दिखाती है किंतु हम समझ नहीं पाते , आपने बहुत अच्छा लिखा है।

!!अक्षय-मन!! said...

आपकी सारी मनोकामना पूरी हों.....
आपकी वंदना सफल हो.........


अक्षय-मन

रश्मि प्रभा... said...

shree ganesh ki kripa ho tum par.......

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर लगी श्री गणॆश जी की स्तुति ओर मुर्ती.
धन्यवाद

gyaneshwaari singh said...

kishore ji

shukriyaaaaa apne saraha...

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akshay kaha ho.......thnx for wish

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rashmi ji

shukriyaaaaaaaaaa aapko bhi khushi miel bas bhagwan s e dua hai.
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rajesh ji

shukriyaaaaaaa

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vinay ji

sarahna ke liye shukriya

sakhi

"Apoorv" said...

Bahut achchha..

Bhagwan se yehi prarthna hai..

"Bhagwan ... sab mangal karna"

आपका मेरे इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है ...

आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.

प्यार के साथ
सखी