Thursday, November 5, 2009

माँ तेरी साड़ी का किनारा


visit.. http://www.mahaktepal.com


दोस्तों

आज में उस माँ के लिए लिख कर लाई हूँ जिसके मायने हमारी जिंदगी में सबसे बड़कर है क्यो की उसी ने हमें जनम दिया पला बड़ा किया है ..उस माँ को लेकर सबने लिखा है शायद ...मैंने आज उस माँ की साड़ी को परिभाषित करने की कोशिश की है . आशा है आप सभी को पसंद आएगा ये रूप माँ की साड़ी का .
क्यों की ये इतना विशाल है इसमें बहुत कुछ छिपा मिला मुझे .

sakhi with love




माँ तेरी साड़ी का किनारा
इसमें समा गया है माँ
विस्तर्रित आकाश ये सारा
कितने रिश्ते गुंथे हुए है
इसके कच्चे धागों में
इसके हर एक धागे से
मिलता है मजबूत सहारा
माँ तेरी साड़ी का किनारा

एक छोर से दूसरे छोर तक
प्यार ही प्यार समाया
इसके धागों से मिलकर
माँ का आंचल कहलाया
माँ का आंचल जिस से
बहती है ममता की धारा
इसमें जैसे समा गया
माँ कोई सागर सारा
माँ तेरी साड़ी का किनारा

ये धाराये हँसती है माँ
तेरे आंचल के सागर में
जैसे किसी ने अमृत रस
भर दिया माँ के आंचल में
सूरज की किरने बिखरी
बिखरी है चाँद की शीतलता
बिजली की है कौंध भी इसमें
है इसमें जल की निर्मल धारा
माँ तेरी साड़ी का किनारा

इन्द्रधनुष के रंग भरे है
रंग भरे जो जीवन में
एक प्यार की लहर उठे है
सबके लिए इसके तन में
शहद की मीठास भरी हुई
माँ तेरे लाड दुलार में
खुशियों का अम्बार लिए है
माँ आशीर्वाद तुम्हारा
माँ तेरी साड़ी का किनारा

माँ की साड़ी का किनारा
रखता है कितने मायने
एक लक्ष्मण रेखा तय है
नारी की इस किनारे की आड़ में
इसकी मर्यादा लाँघ नही सकता
कोई भी इस संसार में
इस किनारे में रहता है
सुरक्षित परिवार हमारा
माँ तेरी साड़ी का किनारा

16 comments:

Amit K Sagar said...

एक बेहतर रचना.
---

a biggest burning issue about WOMEN - Domestic Violence -
इस कुरुती का समाधान निकालें!

रश्मि प्रभा... said...

kitna kuch samet liya hai is kinare mein.....vistrit aakah , aashishon kee halchal, chabhi ka guchcha , mamatwa ka saundarya......
ise likhkar mamta ke vistrit itihaas ko tumne kalam mein baandh liya

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर रचना... आप ने तो मां की याद दिला दी जब मै मां की साडी का कोना पकड कर कहता था मां अब थक गया, ओर इसी शादी से मां तपती छुप मै हमे छाया करती थी
आप का धन्यवाद दुनिया कि सब से खुब सुरत कविता लिखने के लिये

www.risaliakhera.in said...

pad kar kafi achha lga.

ρяєєтii said...

अनंत आकाश सा - माँ का आँचल,
ममत्व से भरा माँ का आँचल,
जिसके ताने–बाने बाँध कर,
सोचती हूँ … एक् प्यार भरा उपहार,माँ को दू आज …!
Maa ki saree ka kinaara jaise kahta hai vistarut aakash hai tumhara...!

!!अक्षय-मन!! said...

एक माँ एक नारी एक बहन एक पत्नी जितना कहा जाये उतना कम है दुनिया मे यही सबसे बड़ा आदर्श है इसी से सब शुरू होता है और इसी से सब ख़त्म....
माँ तो एक ऐसा बंधन है जो जुडा हर साँस से क्यूंकि जिंदगी उसी की है और ये जीवन भी आगे जो जियेगा फिर भी कोई नहीं समझता अहेमियत माँ शब्द है छोटा मगर पूरा संसार इसी माँ शब्द पर टिका है वो न हो तो कुछ भी न हो और जो त्रुमने लिखा है उसकी जितनी तारीफ की जाये कम है सखी आपकी ये बहुत ही उत्तम रचना है.............


माफ़ी चाहूंगा स्वास्थ्य ठीक ना रहने के कारण काफी समय से आपसे अलग रहा

अक्षय-मन "मन दर्पण" से

neelima garg said...

sweet n beautiful...

daanish said...

माँ के आँचल की शीतल छाया की
महिमा को यूं तो अल्फाज़ में बाँधना
क़रीब क़रीब ना-मुमकिन है ...लेकिन
आपकी क़लम के जादू से ऐसा कुछ
पढने वालों तक पहुँच गया जिस से
मन को सुकून मिल सके
बहुत अच्छी कृति .......

gyaneshwaari singh said...

aap sabhi ne saraha cah laga..maa ke liye koi kuch hi kahe kam hai

Manoj kr singh said...

maa ki mamta ko bhut achi tarah s utaar diya hai apne

maa ki mamta

bhut hi achi hai

apne jiwan ki wo line likhi wo ahshas likha hai jise hum sub mahsus karte hai

Aparna Bajpai said...

ma ek shabd nahi ek sanskriti hai , ek bhawna hai . M a ek puri duniya hai. ma ke bare likha jaye kam hai . MA se sare shabd har chuke hai. Aur duniya ki har ma ek si hoti hai chahe wah kanhi bhi ho. Apne is rachna se sabko apni ma se ek bar sakshatkar kara diya hai. Bahut khoob.

gyaneshwaari singh said...

manoj ji aur aprna ji
shukriyaa

padampati.cricketblog.com said...

kya bat hai...bahut khoob....likhti rahiye

gyaneshwaari singh said...

shukriya padampati ji
aap yaha aaye bahut khushi hui

Ravi Rajbhar said...

aapki is rachna ka koi jabab nahi ..naman maan ko.!

gyaneshwaari singh said...

शुक्रिया रवि जी
अपने सराहा अच्छा लगा

आपका मेरे इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है ...

आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.

प्यार के साथ
सखी