Monday, December 14, 2009

में हँसी थी


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आज जब में हँसी थी

तुमने ही कहा था ना ....

जैसे हसी की बारिश हो रही है

देखो हँसती रहना सदा

युही मेघ हँसी के बरसाना

आज जब में हँसी थी

तुमने ये भी कहा था

तुम जब हँसती हो तब लगता है

की वक़्त यही पर थम जाये

तेरे हर और हँसी ये रम जाए


5 comments:

Randhir Singh Suman said...

हँसी ये रम जाए.......nice

रश्मि प्रभा... said...

खिलखिलाती तस्वीर , खिलखिलाता रूप ........वाकई बेहद खूबसूरत

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

kya baat hai ji...
bahut he achhi abhivyakti...
adios....
cheers!
surender.

gyaneshwaari singh said...

shukriya aap sabhi ka

Manoj kr singh said...

bhut sahi likha hai apne

ap hamesa u hi rha kro

आपका मेरे इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है ...

आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.

प्यार के साथ
सखी