अपनी भावनाओ को व्यक्त करने की कोशिश ...और क्या करूँ ? क्या ना करूँ की उलझन से खुद को बाहर निकालने का एक सहारा ...
ेक बहुत सुंदर रचना ओर बहुत सुंदर चित्रकृप्या आश को आस लिखे मेरे ख्याल मै आस सही है
लगता है ऐसा जब लोग अपने होकर बन जाते हैं अजनबी
राज जी मैंने ठीक कर दिया है वो आस ही है शुक्रिया अपने सराहा अच्छा लगा
सही कहा अपने रश्मि जी jab लोग अपने होकर पराये बन जाये तो ऐसा होता है शुक्रिया आप यहाँ आयी
wah wah wah...sakhi ji...bahut he sundar rachna hai aapki ek baar phir...cheershttp://shayarichawla.blogspot.com/
सुन्दर रचना है,लिखते रहे।
nice poetry!plz keep itup!
bohot khoob likha hai aapne
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आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.प्यार के साथसखी
8 comments:
ेक बहुत सुंदर रचना ओर बहुत सुंदर चित्र
कृप्या आश को आस लिखे मेरे ख्याल मै आस सही है
लगता है ऐसा जब लोग अपने होकर बन जाते हैं अजनबी
राज जी
मैंने ठीक कर दिया है वो आस ही है
शुक्रिया अपने सराहा
अच्छा लगा
सही कहा अपने रश्मि जी
jab लोग अपने होकर पराये बन जाये तो ऐसा होता है
शुक्रिया आप यहाँ आयी
wah wah wah...
sakhi ji...
bahut he sundar rachna hai aapki ek baar phir...
cheers
http://shayarichawla.blogspot.com/
सुन्दर रचना है,लिखते रहे।
nice poetry!
plz keep itup!
bohot khoob likha hai aapne
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