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नए साल …
तुम आ रहे हों अब
विदा करके इस साल को
वादा करो तुम आज मुझसे
इस साल किसी को
तडपाओगे नहीं
अपनों के लिए तुम
किसी को तरसाओगे नहीं ,
बस हर ओर सुख होगा
हर ओर अब शांति होगी
ना कोई गम होगा कही
ना कोई भ्रान्ति होगी ,
हर कोई अब बस
ख़ुशी से झूमे
नित नए सोपान सफलता के
हर कोई इस साल चूमे ,
बस ये प्रार्थना है मेरी
इस साल कही दंगे ना हों
बच्चे भूखे ना हों
ओर नंगे ना हों ,
भगवन इस साल तुम
कुछ ऐसा कर दो अब
बस हर जीवन में
खुशिया भर दो अब .
6 comments:
हर कोई इस साल चूमे ,
बस ये प्रार्थना है मेरी
इस साल कही दंगे ना हों
बच्चे भूखे ना हों
ओर नंगे ना हों ,
बहुत सुंदर प्रर्थना रुपी कविता, अमीन
aameen.......tumhari khwaahish poori ho
kya baat hai sakhi ji...
bahut hi achhey dhang se piroyi hui aapki yeh rachna mujhe bahut achhi lagi...
naya saal shubh ho aapke liye...
cheers!
surender
saKhi jee:
namaste!
bahot hi Khoob liKhaa hai aapne... liKhate raheN aage bhee!
KhuSh raheN... apnaa Khayaal raKheN
duaaaoN ke saath ijaazat
aapka
~ Dhaval
bhut hi achha likhte aap , apna sa lgta ...apki sab ichha jrur puri hogi.. happy new year
हर कोई इस साल चूमे ,
बस ये प्रार्थना है मेरी
इस साल कही दंगे ना हों
बच्चे भूखे ना हों
ओर नंगे ना हों ,
bahut sundar
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