अपनी भावनाओ को व्यक्त करने की कोशिश ...और क्या करूँ ? क्या ना करूँ की उलझन से खुद को बाहर निकालने का एक सहारा ...
घूमता घूमता यहाँ पहुंचा हूँ..अच्छी रचनायें हैं....यूँ ही लिखते रहे...
bahoot sunder..........
"हर पंक्ति में छलके प्यारकर ले फिर कविता श्रंगार " संक्षिप्त किन्तु सुंदर कविता
bahut achchi line likhi hai apne.
bahut acche bhaw likhe hai apne sakhi ji
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आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.प्यार के साथसखी
5 comments:
घूमता घूमता यहाँ पहुंचा हूँ..अच्छी रचनायें हैं....यूँ ही लिखते रहे...
bahoot sunder..........
"हर पंक्ति में छलके प्यार
कर ले फिर कविता श्रंगार " संक्षिप्त किन्तु सुंदर कविता
bahut achchi line likhi hai apne.
bahut acche bhaw likhe hai apne sakhi ji
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