इनको समय समय पे नये रंग से भरना भी पड़ता है
ताकि ये रहे उतने ही उजाले, जितने शुरू में रहे हों
रिश्ते लिबास ना बने इसलिए हम एक काम करते है
इन रिश्तों में थोडा भरोसा और प्यार भरते है
कायम रहे ताउम्र ये दूर रहे या पास कहीं
बस साथ का हो यूँ ही एहसास जैसे
आज रहता है
3 comments:
रिश्ते मैले ना हो इसके लिए कुछ करना ही पड़ता है
इनको समय समय पे नये रंग से भरना भी पड़ता है..........
कितनी सच्चाई है, रंग ना हो तो बदरंग से एहसास रह जाते हैं,
पर कितनों को ये बारीकी समझ में आती है !
बहुत सधे लफ्ज़ हैं..........
excellent....is kavita se pata chalta hai ki aap rishte ke bariki ko achhi tarah samajhte hai,aur use kis tarah kayam rakha jaye ye fir aapse behtar kaun jaan sakta hai..
sakhi
rishto ko samjhane ka tareeka achcha laga.
aapka vijay
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