अपनी भावनाओ को व्यक्त करने की कोशिश ...और क्या करूँ ? क्या ना करूँ की उलझन से खुद को बाहर निकालने का एक सहारा ...
बहुत सुंदर, यह महक हमे भी महका गई
अच्छा है।
मैं जानता हूं कि यह खवाब झूठे हैं, और यह खुशियां अधूरी हैं,मगर ज़िन्दा रहने के लेये मेरे दोस्त,कुछ गलत फहमियां भी ज़रुरी हैं...!
ham to aapke khubsurat pankti se hi mahakne lage.........:)
उम्दा! बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!आभार, आंच पर विशेष प्रस्तुति, आचार्य परशुराम राय, द्वारा “मनोज” पर, पधारिए! अलाउद्दीन के शासनकाल में सस्ता भारत-2, राजभाषा हिन्दी पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें
wah sakhi ji apne to sare bat do laneno m kah di bahut hi sunder hai .
it's only nice!
आपने कीमती वक्त दिया इसके लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया
Post a Comment
आप यहाँ आये बहुत खुशी हुई .आपका प्यार और साथ हमेशा बना रहे, तो बहुत खुशी होगी. ये साथ और प्यार बनाए रखना.प्यार के साथसखी
8 comments:
बहुत सुंदर, यह महक हमे भी महका गई
अच्छा है।
मैं जानता हूं कि यह खवाब झूठे हैं,
और यह खुशियां अधूरी हैं,
मगर ज़िन्दा रहने के लेये मेरे दोस्त,
कुछ गलत फहमियां भी ज़रुरी हैं...!
ham to aapke khubsurat pankti se hi mahakne lage.........:)
उम्दा! बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
आभार, आंच पर विशेष प्रस्तुति, आचार्य परशुराम राय, द्वारा “मनोज” पर, पधारिए!
अलाउद्दीन के शासनकाल में सस्ता भारत-2, राजभाषा हिन्दी पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें
wah
sakhi ji apne to sare bat do laneno m kah di
bahut hi sunder hai .
it's only nice!
आपने कीमती वक्त दिया इसके लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया
Post a Comment